Gorakhpur Siliguri Expressway: देश के पूर्वी हिस्से में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को एक बेहद अहम परियोजना माना जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक की दूरी को आसान बनाएगा और बिहार के कई जिलों को तेज़ सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा।
गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक तेज़ सफर की तैयारी
गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 519 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसके बनने के बाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक का सफर पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। यह मार्ग खासतौर पर उत्तर-पूर्व भारत के लिए एक अहम कड़ी साबित होगा।
बिहार के कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह एक्सप्रेसवे बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुज़रेगा, जिससे राज्य के अंदर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने में यह परियोजना बड़ी भूमिका निभाएगी, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी।
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
तेज़ और बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों में तेज़ी आएगी। कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई आसान होने से लागत कम होगी। इसके साथ ही निर्माण और बाद के चरणों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम परियोजना
गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंच को तेज़ करेगा, जिससे आपातकालीन और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों में भी मदद मिलेगी।
पूर्वी भारत के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस एक्सप्रेसवे को पूर्वी भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद क्षेत्रीय संतुलन बेहतर होगा और देश के इस हिस्से में विकास की गति और तेज़ होने की उम्मीद है।
